विज्ञापन

हासिल वह सब होता मित्र भी बने रहते विशेष।।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            धैर्य और निष्ठा कभी निराश नही करते 'उपदेश'।
        
                                                    
                            
हासिल वह सब होता मित्र भी बने रहते विशेष।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7573 कविताएं

View Profile