विज्ञापन

दूसरे जो भी कहें 'उपदेश' मुस्करा कर सुन लेता।।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कोई मेरा मशविरा माने क्यों इस लिए छोड़ देता।
        
                                                    
                            
दूसरे जो भी कहें 'उपदेश' मुस्करा कर सुन लेता।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश"
 
6 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7450 कविताएं

View Profile