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खामोशी से एक बात जान गई

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरी खामोशी से एक बात जान गई।
        
                                                    
                            
थोड़ी देर लगी 'उपदेश' पहचान गई।।

इतने दिन बाद राह बदलेंगी ना जानूँ।
चलो अच्छा हुआ वह खुद मान गई।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
6 दिन पहले
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