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झूठी बाते छोड़ो

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करो न झूठी बाते अब सहन नही होता।
        
                                                    
                            
देश बेचने वाले पर भरोसा नही होता।।

ज़ज्बात से खेल कर दीवाना बनाने वाले।
तेरी किसी बात पर विश्वास नही होता।।

कच्ची उम्र मत कहना झांसे में न आऊंगा।
'उपदेश' देना छोड़ दो अब कुछ नही होता।।

किस तरह शिक्षा की जरूरत महंगी हुई।
सरकार किस काम की उससे कुछ नही होता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
2 महीने पहले
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