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ऐसे प्रेम मिलन में अफसोस दोनों को।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं तुम्हें चाहता हूँ या तेरे होने को।
        
                                                    
                            
एक वक्त के बाद लगता दोनो को।।

आँखों में प्रतिबिंब की अभिलाषा।
एक चुंबन पाने की प्यास दोनों को।।

प्रेम में फर्क़ झलकता इस पर संदेह।
ख्वाहिशों का दौड़ा पड़ता दोनो को।।

होंठों पर आई हल्की मुस्की 'उपदेश'।
अर्थ पढ़ने की अभिलाषा दोनो को।।

बादल आए और गए धरती सुखी रही।
ऐसे प्रेम मिलन में अफसोस दोनों को।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
2 सप्ताह पहले
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