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दुनिया को क्या बताऊँ 'उपदेश' भी नाकाफी।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दर्द का इलाज मोहब्बत ही समझ सकती।
        
                                                    
                            
खामोश रहने को परिस्थिति समझ सकती।।

हर बात पर शिकायत इसका हल ही नही।
कहने को जिक्र खुद हालात बदल सकती।।

कुछ रिश्तों ने आवाज की हिम्मत छीन ली।
मुस्कराने की वज़ह बुरे हालात बदल सकती।।

अब दर्द भी अपना और खामोशी भी अपनी।
तकलीफ़ सहने को मुलाकात बदल सकती।।

दुनिया को क्या बताऊँ 'उपदेश' भी नाकाफी।
तन्हाई की फ़रियाद भी किस्मत बदल सकती।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
2 महीने पहले
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