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तुम किसी और के

Trishika Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम किसी और के हरगिज़ नहीं बन पाओगे
        
                                                    
                            
मेरी उल्फ़त की बेड़ियों में जकड़ जाओगे
मैं तुम्हें जब भी पुकारूँगी, मेरा दावा है
तोड़कर पाश सभी, पास मेरे आओगे
— त्रिशिका धरा
3 सप्ताह पहले
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