जय मातु शारद शक्ति दे, अज्ञानता हर लीजिए।
हर कलुष ताप तिमिर तृषा, सद्ज्ञान का वर दीजिए।।
मम कण्ठ में सुर सप्त लय,नवरस मधुर भर दीजिए।
जगदंबिके करिके कृपा,कविता अमर कर दीजिए।।