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तुझे ही ख़्याल कर के रहे हम

Suraj Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तिरे ही वास्ते तो जी रहे हम
        
                                                    
                            
हलाहल अब विरह का पी रहे हम

बहुत मुश्किल है अपना वस्ल जानम
यूं अपने चाक दामन सी रहे हम

रहेगा इश्क़ भी अपना अधूरा
तुझे ही ख़्याल करके जी रहे हम
-सूरज तिवारी
2 महीने पहले
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