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राज की बात

Sunil Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमने कहा
        
                                                    
                            
महोदय सड़क में गड्ढे हैं।
गड्ढों में पानी है।

कीचड़ में गाडियां
फिसल रही है ।
जिंदगी रिस्क में
चल रही है।

वे बोले
भाई, एक ही पहलू
को देखने से
सदैव नुकसान
नजर आता है।
दूसरा पहलू देखिए
कहां ले जाता है?

आजकल अस्पतालों के
खर्चे बढ़ गये है।
डाक्टरों के भाव
आसमान पर चढ़ गये है।

यह सही है कि
सड़कों में गड्ढे
गाड़ियों को नचा रहे हैं।
लेकिन हकीकत ये है कि
इसे हम
इसलिए नहीं
सुधरवा रहे हैं
क्योंकि
डिलीवरी वाली
महिलाओं को
आप्रेशन से
बचा रहे हैं।
-सुनील गुप्ता
 
एक महीने पहले
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