विज्ञापन

हर किसी की औकात नही है

Sumit kapasiya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दुनिया से बाते करने के तलबगार नही है
        
                                                    
                            
सर पे किसी का अहसान नही है
इस दिल मे खुदा बसता है
हर किसी की औकात नही है
2 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all