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माना गुज़र चुका दिन, मगर रात अभी बाकी है।

Shreyasi Satish

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            टूटा दिल कई बार, मगर हौसला अभी बाकी है,
        
                                                    
                            
माना गुज़र चुका दिन, मगर रात अभी बाकी है।

सच है वो उड़ गया हवा में ख़ुशबू की तरह यारों,
उसकी यादों की महक ज़ेहन में अभी बाकी है।

सारे अपनों ने रंग दिखा दिया अपना-अपना,
श्रेयसी मुझे भी अपना रंग दिखाना अभी बाकी है।

दूसरों का धन हड़प कर किस्मत का नाम न दो,
होगा हिसाब, ऊपर वाले का फ़ैसला अभी बाकी है।
एक महीने पहले
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