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माँ लक्ष्मी — कृपा की ज्योति

Shreya Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कमल की पंखुड़ियों-सी,
        
                                                    
                            
माँ तेरी मुस्कान लगे,
तेरे चरण जहाँ पड़ जाएँ,
वहीं सुखों का संसार जगे।

धन से बढ़कर तू देती है,
मन को सच्चा संतोष माँ,
सूने आँगन में भर देती,
आशाओं का मधुर प्रकाश माँ।

जिस घर में हो प्रेम सदा,
वहाँ तेरा वास हो जाए,
जहाँ बड़ों का मान रहे,
वहाँ हर दुख दूर हो जाए।

नहीं माँगूँ स्वर्ण-महल मैं,
नहीं माँगूँ रत्न अपार,
बस इतनी-सी कृपा रहे माँ,
सदा रहे परिवार में प्यार।

मेहनत की राह दिखा देना,
कर्मों में विश्वास जगा देना,
जब भी मन थोड़ा टूटे माँ,
अपना हाथ सिर पर रख देना।

तेरी कृपा की एक किरण से,
अँधियारा भी मिट जाता है,
माँ लक्ष्मी का नाम जो ले,
उसके मन में दीप जल जाता है।

हे माँ लक्ष्मी!
मेरे घर में धन से पहले
सुख, शांति और संस्कार रखना,
मेरे अपनों के चेहरे पर
सदा मुस्कान का उपहार रखना।
3 सप्ताह पहले
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