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भरोसे की ही तो बात है।

Shilpi Soni

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वो कहते हैं कि बात भरोसे की है,
        
                                                    
                            
मैंने भी तो यही कहा—भरोसे की ही तो बात है।

किया तो वही था, आँखें बंद करके,
पर क्या पता था कि सच में आँखें बंद कर बैठे ।

उनके हर झूठ को सच मानते चले गए,
जब आँख खुली, तब जाना कि कितना छले गए।

अब यक़ीन नहीं रहा भरोसे पर,
अब यक़ीन नहीं रहा भरोसे पर।

काश, एक बार तो वो सच्चे होते,
हम हारकर भी खुश होते।

 
3 महीने पहले
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