विज्ञापन

होंगे कई संभालनेवाले

Shatyagashi -The

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माना सफर कठिन हैं लेकिन,
        
                                                    
                            
अपना भी कम उत्साह नहीं।
जहाँ चाह हो सच्ची गर तो,
क्या सच में कोई राह नहीं?

लाख कड़ी हो धूप जीवन में,
शायद पथ में छाँह नहीं।
थाम ले जो गिरते हुए को,
क्या सच में कोई बाँह नहीं?

होंगे कई संभालनेवाले,
हम खुद पर बस गिरकर देखें।
हुआ जो मुक्त, मुक्ता हुआ वो,
बारिश की बूंदों को वेखें।
- मुंशी पवन कुमार साव 
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7504 कविताएं

View Profile