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मेरी ख्वाहिश

SHAILESH KUMAR AGGARWAL

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            साथ तेरा मुझे हमनवा चाहिए
        
                                                    
                            
जैसे तारों को ये आसमा चाहिए

फूल खुशबू की भांति रहें साथ हम
जब तलक है ये कायम धरा चाहिए

सात जन्मों की बातें करें क्यूं भला
हर जनम मैं जहां तू वहां चाहिए

मैं हूं शायर तेरा, शायरी तू मेरी
धड़कनों में मेरी तू बसा चाहिए

स्वप्न बन के तुम ही तुम रहो नयन में
मुझको इनमें न तुम्हारे सिवा चाहिए

चांद संग चांदनी राग संग रागनी
साथ मोहन के ज्यों राधिका चाहिए
-शैलेश अग्रवाल "नीर"
 
2 महीने पहले
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