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ये है मेरा भारत देश महान

Şhahnawaz Pahat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जहाँ रिपोर्टर भी हो गए हिन्दू व मुसलमान,
        
                                                    
                            
वो है मेरा भारत देश महान।

मंदिर ओ मस्जिद के नाम पे जाती इंसानों की जान,
ये है मेरा भारत देश महान।

भगवान से भी ज्यादा क़ीमत है गाय की,
मिट्टी से भी सस्ता है लहू ए इंसान।
पैसे से खरीदी जाती है इंसानियत,
मुफ़्त में बिक जाता है ईमान।
ये है मेरा भारत देश महान।

न्याय की गुहार में उम्र जाती है गुजर,
इंसाफ़ की तलाश में बिक जाते कच्छा- बनियान।
नेता हुए निकम्मे, करते नारी का अपमान,
क्यूँ बनाया इंसान को शर्मिन्दा भगवान।

ये है मेरा भारत देश महान।

नेताओं की तिज़ोरी में हीरे जवाहरात,
गरीबों के देखो ख़ाली दस्तरख्वान।
दीनदयाल और विवेकानंद पर खर्च हुए करोड़ों,
जनता की भूख से निकली जाए जान।

ये है मेरा भारत देश महान।

नोटबंदी ने डुबो दी अश्क़ देश की जी डी पी।
दावा है कि तरक़्क़ी कर गया हिंदुस्तान।
ये है मेरा भारत देश महान।

 
2 महीने पहले
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