विज्ञापन

आँख का पानी

Shahana Parveen

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आँख का पानी
        
                                                    
                            
ऐसे ही बेवजह नहीं बहता,
कुछ दर्द, कुछ छुपे से अहसास
इस दर्द को,
अपने साथ बहाकर ले आते हैं।
दर्द क्या है? और
क्या है इसकी परिभाषा?
इसको कहना या इसको समझना
किसी के वश में नहीं,
यह तो दुख की वो झड़ी है जो
आँखो से पानी की शक्ल में
बाहर निकलती है और अपनी पीड़ा
पर काबू पाने का प्रयास करती है।
-शाहाना परवीन 'शान
एक दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

NIHALIKA K

53 कविताएं

View Profile