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किताबें रह जाएंगी

SATYENDRA KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं तो चला जाऊंगा मेरी किताबें रह जाएंगी
        
                                                    
                            
लोगों के दिलों में मेरी यादें रह जाएंगी
जीवन क्या है,झरना है,नदी है,इसे बहना है
जीवन में मुझे सच सच कहना है
किसको यहां रहना है?
दुख,सुख सदा सहना है
कभी जीत, कभी हार
दोनों में हैं हम तैयार
जीवन में आगे बढ़ते जाना है
कुछ सुनना है, कुछ सुनाना है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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