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गुरू जनों को प्रणाम

SATYENDRA KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रथम गुरु मां को प्रणाम
        
                                                    
                            
जिसने बोलना सिखाया
द्वितीय गुरु पिता को प्रणाम
जिन्होंने चलना सिखाया
सबसे बड़े गुरु विद्यालय के गुरुजनों को प्रणाम
जिन्होंने क ख ग घर,ए बी सी सिखाया
नन्हे नन्हे पुष्पों को खिलना सिखाया
आपस में मिलना सिखाया
सही गलत में भेद को बताया
चरित्र का पाठ पढ़ाया
सारे गुरू जनों को प्रणाम
नित निरंतर सुबह शाम।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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