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हर कोई लगा है कतार में

sanserpal singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर कोई लगा है कतार में,
        
                                                    
                            
इस दुनिया से जाने के लिए,
कब किसकी बारी आएगी,
कोई नहीं जानता बताने के लिए।
कुछ पल मिले थे ज़िंदगी में,
मोहब्बत से बिताने के लिए,
मगर कुछ लोग उन्हें भी बर्बाद कर गए,
नफ़रत निभाने के लिए।
न दौलत साथ जाएगी,
न शोहरत काम आएगी,
बस नेक कर्मों की खुशबू ही,
दुनिया को याद आएगी।
इसलिए जब तक साँसें हैं,
प्रेम का दीप जलाए रखना,
ज़िंदगी चंद दिनों का मेला है,
सबको गले लगाए रखना।
2 सप्ताह पहले
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