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किसे कहते हैं नशा

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            किसे कहते हैं नशा
        
                                                    
                            
बता सकता हूं मैं
शब्दों में ही सही
जता सकता हूं मैं
जब चढ़ता है यह
सब उतर जाता है
जिंदा रहती है मौजें
ग़म तो मर जाता है
यहीं तो बात है इसमें
जो सबको दबा देती है
जहां कुछ भी नहीं होता
यह महफिल सजा देती है
-कुँवर संदीप सिंह
3 महीने पहले
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