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खुदा तेरी खुदाई क्या रंग लाती है

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खुदा तेरी खुदाई क्या रंग लाती है
        
                                                    
                            
बचाती डूबते को बचते को डुबाती है
जख्मी शख्सियत को तू संवार देता है
क्या होगा जिन्हें समझ ये नहीं आती है
जंग जीवन की लड़े जो तेरी इबादत से
शिकस्त उसके पास कहां कभी आती है
कमाए क़र्ज़ वो जो भी निभाए फ़र्ज़ नहीं
तेरा हिसाब उससे चुकता सब कराती है
-कुँवर
5 दिन पहले
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