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जो जमीर को मारे

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घर वालों से धोखा बाहर वालों से ईमान
        
                                                    
                            
ऐसा इंसान कैसे करता है खुद पर गुमान
अपनों को छोड़ परायों से खुद को जोड़
समझता इस जग में नहीं उसका कोइ तोड़
समझ दे दे ऐ खुदा ऐसे जुआरी को
जो जमीर को मारे तोड़ ऐसी खुमारी को
-कुँवर संदीप सिंह
एक महीने पहले
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