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रोक टोक ये टोकाटाकी अच्छी है पर ठीक नहीं।।

सुनील देव

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रोक टोक ये टोकाटाकी अच्छी है पर ठीक नहीं।।
        
                                                    
                            
अपनो से ये पीटा पाटी अच्छी है पर ठीक नहीं।।

किसने तुमको हक़ है दिया अपनी मर्ज़ी से जीना,,
सर पे जूती पाँव में टोपी अच्छी है पर ठीक नहीं।।

हाड़मास के पुतले है तो दुख तकलीफ़ तो होगी ही
बात बात पे पटका पटकी अच्छी है पर ठीक नहीं।

आँख समंदर पाँव में सहरा और होठों पे प्यास जवाँ
चीज़ें है सब चलती फिरती अच्छी है पर ठीक नहीं।।

बड़े बुज़ुर्गों का होना जब कोई नहीं चाहता है तो,,
घर आँगन में अब इक बेटी अच्छी है पर ठीक नहीं।।

किसको क्या समझाएं यां कौन सुने हैं अपनी अब
हर इक बात पे खींचाखांची अच्छी है पर ठीक नहीं।

रावण भी मिल जाएंगे तुम राम तो बनके देखो देव,,
चेहरे की ये लटका लटकी अच्छी है पर ठीक नहीं।।
-सुनील देव
2 महीने पहले
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