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छात्र का दर्द और अटल सत्य

Rohit Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कि उद्यमी अब तो सुन लो जरा ज्यादा अब ना वार करो।
        
                                                    
                            
मेहनत कर हारे छात्रों पर, कुछ तो तुम उपकार करो।

त्याग घमंड को नीचे उतरो जन-जन का कल्याण करो।
दिन-रात पढ़ते बच्चों का, जीवन ना तुम पाषाण करो।

सूख गया है कंठ हमारा, आंखें भी हैं पथराई।
क्या न्याय मांगना गलत यहाँ है, कौन करेगा सुनवाई?

जन-जन ने देखा था उसको कैसे ढोंग कृत्य है।
मरा नहीं वह मारा गया है यही अटल सत्य है।

— रोहित शर्मा भारद्वाज 'नादिर'
एक महीने पहले
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