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वीरान बस्ती

Rishabh Bhatt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मायूस हो जाते हैं वक्त के कहर से,
        
                                                    
                            
दिलकश नजारे हैं आते किस ठहर से?
मसला ये नहीं हर बस्ती वीरान हो चुकी है,
आजकल आवाज भी नहीं गुजरती इस शहर से।
– ऋषभ भट्ट
3 महीने पहले
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