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देख घड़ी के सुईयों को

Rinkee goswami

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बेवजहों और हालातों पर
        
                                                    
                            
रोया जाता रोज़ नहीं।

मन के गढ़े हुए सपनों में
खोया जाता रोज़ नहीं।

जो हिस्से में रहा नहीं
वह है तुझसे दूर अभी।

देख घड़ी के सुईयों को
सोया जाता रोज़ नहीं।
-रिंकी गोस्वामी 
3 महीने पहले
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