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आँखों में उतर जाना चाहता हूँ

RATAN KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहुत अरसा हुआ तेरी ख़बर लिए हुए,
        
                                                    
                            
अब मैं तेरी ख़बर बन जाना चाहता हूँ।

हर दफ़ा मैंने ही तेरा नाम लिया है,
अब तेरे होंठों पे अपना नाम चाहता हूँ।

तेरी राहों में बिछाए हैं बहुत ख़्वाब मैंने,
अब तेरे ख़्वाबों में भी आना चाहता हूँ।

तूने पूछा ही नहीं हाल कभी मेरा,
अब तेरी आँखों में उतर जाना चाहता हूँ।

मैंने हर दर्द को चुपचाप सहा है तेरे लिए,
अब तेरा हाथ मुझे थामे, यही चाहता हूँ।

उम्र भर तुझको पुकारा है उलफ़त से 'स्नेह',
अब इकरार में तुझे अपना पता देना चाहता हूँ।
-रतन कुमार कैथवास
2 दिन पहले
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