जिदंगी से जिद...
जिंदगी, मेरी जिद तो देखो,
जबकि मुझे पता है, तेरी आदत की,
फिर भी मेरी जिद तो देखो।
मैं तुमसे याचना कर रहा हूँ,
कि तुम मुझे अचानक आहत मत करना,
कुछ इशारा करना,
मैं अपना भाँमर समेट लूँगा,
मेरी जिद तो देखो।
मेरी दुनिया अभी फैल रखी है,
तुम मुझे खबरदार करना,
कुछ खाँसना,
मैं सारे एहतियात बरत लूँगा,
मेरी जिद तो देखो।
मेरी तुमसे बहुत बनती है,
तुम इस रिश्ते को दीर्घ बनाना,
कुछ मलाल करना,
मैं दवे पाँव तुझे सिरहाने लूँगा,
मेरी जिद तो देखो।
मैंने तुमसे जो उम्मीद पाल रखी है,
तुम मेरे अरमानों की सुधि लेना,
कुछ ध्यान भटकाना,
मैं उधर ही मुँह कर लूँगा,
मेरी जिद तो देखो।
मेरे जिदंगी के बारे में जैसे औरों को लगता है,
मुझे भी आभास कराना,
कुछ खुशबू फैलाना,
मैं उसमें नहाकर मस्त हो लूगां,
मेरी जिद तो देखो।
मेरे मंजिल के पहले एक दरिया है,
उसकी गहराई बताना,
कुछ दूरी कमाना,
मैं दम भर छलांग भर लूँगा,
मेरी जिद तो देखो।
मेरा सफर तृप्ति की बाट जोह रहा है,
तुम जरूरी साधन इकठ्ठे कर देना,
कुछ स्वाद बढ़ाना,
मैं उस अमृत का घूँट पी लूँगा,
मेरी जिद तो देखो।
तुम मेरे माँग को अनयथा न लेना,
इतना तो मेरा हक है,
कुछ ख्याल रखना,
मैं इतने पर ही बस कर लूँगा,
मेरी जिद तो देखो।
तेरे बावत जो भी भ्रांतियां डराती है मुझे,
तुम सब दूर कराना,
कुछ उदाहरण देना,
मैं दौड़-दौड़ कर दुनिया को दिखा लूगां,
मेरी जिद तो देखो।
मुझे अभी बहुत ऋण चुकाना है,
मुझे उरीन होने देना,
कुछ हौसला कराना,
मैं अपनी मुठ्ठी खाली कर लूँगा,
मेरी जिद तो देखो।
-राणा...