विज्ञापन

पी सकते हो समुद्र तुम

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भारतवासियों तुम हो राम और कृष्ण के वंशज खुद को ना समझो अति छुद्र तुम,
        
                                                    
                            
हनुमान की तरह निगल सकते हो सूर्य को और अगस्त मुनि की तरह पी सकते हो समुद्र तुम,
विश्व शांति की स्थापना के लिए जहां बन सकते हो तुम महात्मा गांधी और बुद्ध,
और वही विश्व शांति एवं कल्याण के दुश्मनों से युद्ध की नौबत पर बन सकते हो रूद्र तुम|
-मनस्व
6 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12618 कविताएं

View Profile

Nathuram Kaswan

8654 कविताएं

View Profile