विज्ञापन

गुरु होता है ईश्वर के ही समतुल्य

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो गुरु बतलाता है मनुष्य को कि क्या है असल में जीवन का मूल्य,
        
                                                    
                            
जो गुरु याद दिलाता है कि आत्मा के सिवा दुनिया में कुछ भी नहीं है बहुमूल्य,
अपने सभी शिष्यों के लिए और अपने सभी भक्त जनो के लिए,
सचमुच वह उसका अपना गुरु या फिर सद्गुरु होता है ईश्वर के ही समतुल्य|
-मनस्व
1 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Shivam Awasthi

3 कविताएं

View Profile

Milan Thakur

5 कविताएं

View Profile