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अपने भक्त के हृदय में प्रभु रहते हैं पहर आठ जी

Ramjeet pal

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                            इस दुनिया में प्रभु के भक्तों का और प्रभु से बढ़कर नहीं है किसी का ठाठ जी,
        
                                                    
                            
प्रभु के हृदय में भक्त और अपने भक्त के हृदय में प्रभु रहते हैं सचमुच पहर आठ जी,
अपने भक्तों की ही तो सुनकर प्रभु आते हैं धरती पर लेकर मनुष्य रूप, करने
भक्तों के साथ लीला, भटके हुए को राह दिखाने तथा
सीखाने सबको जीवन का पाठ जी|
-मनस्व
8 महीने पहले
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