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इस देश को पहचान ले

Rakesh Bisaria

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये गुलशन है तेरा, इन फूलों पर ऐतबार कर ले
        
                                                    
                            
ये आसमां है तेरा, इस सुबह को सलाम कर ले

पहले ख़ुद से निकल, फिर दुनिया को जान ले
पहले नींद से जाग, फिर इस देश को पहचान ले

जो तुझे चलना सिखाए, उन्हें यशोदा मान ले
जो आयत तुझे इंसाँ बनाए, परब्रह्म उसमें जान ले

दिल का आईना साफ़ रहे, दुनिया नई बसा ले
ये माटी महकती रहे, काँटों को भी अपना ले

जहाँ रोशनी बहे, उन निगाहों में गोकुल जान ले
जहाँ प्रेम बसे, उन धड़कनों में कान्हा पहचान ले

केसरिया दिल फ़रिश्ते जैसा, सफ़ेद मन हिमालय जैसा
हरे ख़्वाब विंध्या जैसे, इस गुलदस्ते को दिल में उतार ले
एक महीने पहले
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