विज्ञापन

रहे नित शुद्धता आहार की

Rajiv Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रहे नित शुद्धता आहार की,
        
                                                    
                            
हो शुद्धता सदा आचार की,
प्रेम रहे कार्यशैली में सम्मिलित,
स्वलक्षित होती शुद्धता व्यवहार की.


 
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all