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प्रतीक्षा में हूँ मैं भी

Rajiv Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हूँ प्रतीक्षा में मैं भी कि यह
        
                                                    
                            
विस्तृत कुहासा छटेगा,
अवरुद्ध कंदराओं में जीवन की
जीवन का दीपक जलेगा,
आएगी पुरवाई किसी दिशा से
शांति की गंध लेकर,
प्राणियों को न्याय एवं क्षुधा को
दाना मिलेगा.

 
1 सप्ताह पहले
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