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भटकता समंदर

Rajiv Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्या उम्मीद रखनी समंदर से,
        
                                                    
                            
वह ख़ुद भटका हुआ है,
पैर धो रहा किनारे के बरसों से,
किनारा है के सोया हुआ है.

 
2 महीने पहले
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