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मोक्ष दायनी माँ राधा

Rajesh Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आया है राधा अष्टमी का त्यौहार,
        
                                                    
                            
भारतीय संस्कृति का अनुपम उपहार,
राधा में है मोहन, मोहन में राधा,
राधेकृष्ण ही दूर करेंगे सबकी बाधा,
राधा जी ही हैँ प्रेम की एक धारा,
मौन प्रेम से रचा ये संसार सारा,
आप ही हो माँ लक्ष्मी स्वरूपा,
राधेकृष्ण ही हैँ एक जगरूपा,
माँ आप ही हो बांसुरी की रागिनी,
इस जग में आप ही हो वर दायिनी,
श्रीमुख से निकले शब्दों की हो गीता,
प्रभु के लिए बनी हो अनन्त प्रणीता,
माँ राधा की चरण रज से मिलता है मोक्ष,
जन्म मरण से मुक्ति और अनन्त विमोक्ष,
आओ करें माँ राधा का दर्शन,
सदा कृपा करेंगे सुदर्शन मोहन |
1 सप्ताह पहले
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