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वो बड़े मज़े में है

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिसका ऐलान है कि वो बड़े मज़े में है,
        
                                                    
                            
या तो वो फ़क़ीर है, या फिर नशे में है।

जिसने चाहत, दौलत, शोहरत सबको छोड़ दिया,
उसके चेहरे पर सुकून हर पल बसा हुआ।

और जो दर्दों को हँसी में छिपाए फिरता है,
शायद किसी झूठे नशे में जीता रहता है।

असल मज़ा तो उस दिल को ही नसीब होता है,
जो हर हाल में ख़ुदा का शुक्र अदा करता है।

न फ़क़ीरी आसान, न नशे का रास्ता सही,
सुकून तो मिलता है, जब इंसान ख़ुद से मिले कहीं।
2 महीने पहले
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