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रिश्तों की उम्र

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रिश्तों की उम्र
        
                                                    
                            

रिश्तों की भी अपनी एक उम्र होती है,
कुछ रिश्ते उम्रभर साथ चलते हैं,
और कुछ रिश्ते
जीते-जी ही मर जाते हैं।

कुछ रिश्ते साँसों के साथ चलते हैं,
तो कुछ यादों में ही रह जाते हैं,
कुछ वक़्त के साथ और गहरे होते हैं,
और कुछ वक़्त के साथ खो जाते हैं।

रिश्ता सिर्फ़ नाम से नहीं चलता,
उसे निभाने के लिए
विश्वास, अपनापन और एहसास चाहिए,
वरना पास रहकर भी
लोग एक-दूसरे से दूर हो जाते हैं।

कुछ रिश्ते मौत तक साथ रहते हैं,
और कुछ रिश्ते
मौत से पहले ही दम तोड़ देते हैं।

शायद रिश्तों की भी
एक तय उम्र होती है—
जिसे जितना जीना होता है,
उतना ही जीकर
वह रिश्ता ख़ामोश हो जाता है।
— रजनी
एक दिन पहले
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