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तुम्हारा अंतिम समय का व्यवहार

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम्हारा अंतिम समय का व्यवहार,
        
                                                    
                            
मेरी पसंद पर दाग लगा गया।
जिसे कभी दिल से चुना था,
वही अंत में मुझे शर्मिंदा कर गया।

मैंने तुम्हें जैसा समझा था,
तुम उससे बिल्कुल अलग निकले,
रिश्ता तो खत्म हुआ ही,
साथ मेरी पसंद पर भी सवाल छोड़ गए।

काश, अंत भी वैसा ही होता,
जैसी शुरुआत पर विश्वास किया था,
तुम्हें खोने का दुख कम होता,
अगर तुमने मेरी पसंद को गलत साबित न किया होता।

- रजनी
एक महीने पहले
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