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ढेर सारी बाते करनी है तुमसे

Rahul Merotha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ढेर सारी बाते करनी है तुमसे,
        
                                                    
                            
तुम एक शाम लेकर आना।

किसी दरिया किनारे बैठेंगे दोनों,
तुम अपनी यादों की किताब लेकर आना।

तुम्हारे चेहरे से नज़रे हटेंगी नहीं मेरी,
तुम ज़रा काजल लगा कर आना।

और ये वक़्त कही यूं ही ना बीत जाए,
तुम अपनी घड़ी घर भूलकर आना।
2 महीने पहले
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