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रोया कीजिए

Rabindra Aman

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपनी आँखों को पानी से भिगाईये, रोया कीजिय
        
                                                    
                            
चाहे लाख मुस्कुराइये, रोया कीजिए

अगर किसी पर आता नहीं तो ,
खुद पर कीजिये रहम
किसी के लिए तो अच्छा कीजिए कम से कम
मत शर्माइए, रोया कीजिए

जब तक है इन आंखों में पानी
तब तक है जीवन, इस इंसान की कहानी
इस बात को खुद समझिए, अपने दिल को समझाइये
रोया कीजिए

इस दुनिया में जितने भी काबिल लोग हैं,
दौलतमंद, फनकार
वो आज भी रोते है, दिन में एक दो बार
खुद को भी इस लायक बनाईये
रोया कीजिए

अगर इस दुनिया में आपने रोना नहीं सिखा
तो समझिए आपने कुछ पाना नहीं सिखा,
कुछ खोना नहीं सिखा
दिल के गुलशन में फूल के संग कुछ कांटा भी उगाईये
रोया कीजिए

सब के साथ ऐसा कुछ ना कुछ होता है
अगर कोई बाहर से नहीं रोता तो ,अंदर से रोता है
अपने दिल को भी जरा दर्पण दिखाईये
रोया कीजिए

तू खुद कम रोता है,दूसरों को ज्यादा रुलाता है"अमन"
क्यों औरों की फिक्र करता है ये तेरा। मन
चाहे मुझपर लाख तोहमत लगाइये
रोया कीजिए
-रविन्द्र अमन
 
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