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जो नहीं है तेरा

Rabindra Aman

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस दीवाने दिल पर चला ना कोई जोर
        
                                                    
                            
सब छोड़ कर मैं तेरी ओर आ गया

क्यों देखता है तू उच्चे महल का सपना
तेरे लिए इंतजार करता है, तेरा कोई अपना

कितनी अजीब है न यह बात
इस दुनिया में उसको उतना मिलेगा
जितनी है उसकी औकात

किस काम के कोई नूर, रंग, नजरें
सलामत रहे तेरी झोपड़ी , जिसमें तू रहता है प्यारे

तू भी कहीं का राजा है,
है तेरी भी रानी
नहीं है किसी से हट के ,तेरी भी प्रेम कहानी

अपने मन को मत मार,तू भी नहीं किसी से कम
किसी का छोटा, किसी का बड़ा,
सब के जीवन में है गम

एक बात मन में रख, इतना तुझको याद रहे
खुद को रख संवारकर, तेरी दुनिया आबाद रहे

छोड़ दे तू इस दुनिया का फेरा
किसी के लिया क्यों सोचना ,जो नहीं है तेरा
-रविन्द्र अमन
2 महीने पहले
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