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तराना ए बेचैन जिंदगी

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सब्र हुआ कि हमें आप गुजरे दिनों की याद दिला गए दिन तो मेरा बहल गया मगर कल की याद करा गए
        
                                                    
                            
चश्म चश्म गुफ्तगू से दिल का दर्द भुला गए हालांकि बात जरा सी हुई हम अपने दिल की धड़कनें बढ़ा गए
वैसे तो हुआ कुछ नहीं तुझे देख के मगर आप बेताब निगाह से बेकरार हमें कर आज जादू अपना चला गए
सच तुमसे अब क्या कहूं करीब तुझे देख कर हम तो सिर्फ तेरी निगाह ए खौफ से डर कर धड़कन बढ़ा गए
हर आइने में मुझे तेरा वजूद दिखा है जादू तेरी निगाह का जब मुझ पे चला है हम मोहब्बत अपनी जगा गए
एक दिन पहले
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