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तमन्ना ए बेचैन दिल

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तू हुआ चुप देख कर अचानक हमें जैसे कुछ हुआ नहीं क्या पता था तू ही हमें भूल जाएगा
        
                                                    
                            
मैं थक चुका हूं सफर ए तन्हाई में बिछड़ के मुझसे क्या पता था तू भी वो ज़माना भूल जाएगा
बिछड़ कर मुझसे सकूं तुम्हें मिला होगा और क्या पता था मिटा कर अरमां तू हमें भूल जाएगा
तुमसे मिलने की सूरत दिखती नहीं उम्र भर तन्हा जो किया हमें तू अब हौसला मेरा भूल जायेगा
शाम ए गम तेरा इंतजार मैं कब तक करूं तू छीन के सौगात ए वफा मुझको ही अब भूल जायेगा
2 महीने पहले
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