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गम ए जिंदगी

Prem Narayan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गुज़ार दी मैने जिंदगी इंतजार में तेरे और तू ही हमें भूल गया हम अब अपनी याद दिलाएं तुमको कैसे
        
                                                    
                            
मैने मोहब्बत छुपा रखा दुनिया की नज़रों से अपने दिल में गर याद नहीं तो याद दिलाएं तुमको कैसे
तुम बदल कर मिजाज़ हमें भूल जाते हो रूठे हुए को मनाना गुनाह नहीं ये समझाएं तुमको कै
तू ख्याल ओ ख्वाब में आकर दिल लगाने लगा मुझसे अपने दिल की बातें मैं सुनाऊं तुमको कैसे
हो कर खाक अरमां मिटा न सके राह ए तलब मुलाकात हुई आज तो गम अपना बताएं तुमको कैसे
2 महीने पहले
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