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बचपन का इतवार

Preeti Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ना चिंता में जागी वो भोर,
        
                                                    
                            
ना दिन भर की वो भागदौड़।
तरस गया है आईना,
मुझे फुर्सत से देखने को।
बचपन वाला वो इतवार,
अब कहाँ से लाऊँ।
2 महीने पहले
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