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सिक्कों की खनक

Pramod Srivastav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरा शागिर्द ही तेरा साया ना रहा,
        
                                                    
                            
उसने तेरे राज को पूरे शहर बता रखा है,
जिसे तू समझता है कि वो तेरी वफ़ाओं का राजदार है,
उसने ही तेरे बेवफाई के जिक्र सरेराह कर रखा है
एक दिन पहले
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