प्यार आसा नही समंदर जितना गहरा है।
जगह जगह दुश्मनो का पहरा है।
पुछ लेते हाल दर्द ऐ ईशक मजनु के।
दर्द बडा गहरा है। गुंगा भी है। अंधा ओर बहरा है।
समझकर चलना राह ऐ ईशक समंदर जितना गहरा है।
डुबना अच्छा लगता है। पर बचाने वालो का पहरा है।
प्यार समंदर जितना गहरा है